आष्टा
पार्वती थाना अंतगर्त ग्राम छापरी के विश्राम मेवाड़ा की 19 सितंबर को जहरीला पदार्थ खाने से संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी उसके बाद से मामले में मेवाड़ा राजपूत समाज की एंट्री से मामले में अब पार्वती पुलिस ने भी जांच का दायरा तेजी से बढ़ा दिया है। पुलिस की जांच टीमें जांच में जुटी हैं। आत्महत्या के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए पुलिस ने किला मंदिर के सीसीटीवी केमरो को जांच के दायरे में ले लिया है। मृतक विश्राम की मौत एक दिन पहले हुई घटना से जुड़े संदिग्ध लोगों से भी पार्वती पुलिस ने रविवार को थाने में बुलाकर पूछताछ की है अब तक मामले में विश्राम मेवाड़ा के परिजनों सहित मृतक जहाँ काम करता था उस दुकान संचालक और 18 सितंबर की घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
लिहाजा पुलिस से मिली जानकारी अनुसार रविवार को 18 सितंबर की घटना से जुड़े सूरज माली के बयान हुए है और बाकी संदिग्ध लोगों के आष्टा से बाहर होने के कारण बयान नहीं हुए है जल्द ही इनके बयान होने के बाद और सीसीटीवी केमरो की रिकॉडिंग जांच करने के बाद संभवतः पुलिस अपने अंतिम फैसले पर पहुंच पाएगी!

आपको बता दे की 19 सितंबर को विश्राम मेवाड़ा ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी,वही पुलिस ने भी मर्ग कायम कर लिया था लेकिन घटना के एक सप्ताह के बाद भी आत्महत्या का कोई ठोस कारण नजर नहीं आ रहा था ऐसे में मिडिया में मामला आने के बाद एक के बाद एक विश्राम की आत्महत्या करने की परते खुलती गई, जिसमें जानकारी आई की आत्महत्या से एक दिन पहले 18 सितंबर को मृतक विश्राम को किला स्थित जैन मंदिर में महिलाओं के चोरी छिपे विडिओ बनाने के आरोप में पकड़ा गया था और मारपीट भी की गई थी, इसके बाद 19 सितंबर विश्राम मेवाड़ा का मोबाइल भी छिना गया था,जिसके बाद से मृतक का मोबाइल गायब था वही फिर धीरे मामले से जुडी परते सामने आती गई और 29 सितंबर को पुलिस ने मोबाइल भी जब्त कर साइबर में जांच के लिए भेजा है!
इधर मेवाड़ा राजपूत समाज के सोमवार को केंडल मार्च के ऐलान के बाद से पार्वती पुलिस पर मामले में कार्यवाही को लेकर दबाव बना हुआ है और संभावित जल्द ही पार्वती पुलिस मामले के निष्कर्ष तक पहुंच सकती है लेकिन फिलहाल 15 दिन से ऊपर हो गए है और पुलिस के हाथ खाली नजर आ रहे है
आपको बता दे की विश्राम बेहद गरीब परिवार से आता था जिसके दो छोटे छोटे बच्चे है ऐसे में मृतक विश्राम के जाने के बाद से उसके परिवार के भरण पोषण पर संकट आ खड़ा हुआ है


