सीहोर/कमल पांचाल
हमेशा अपनी विवादित कार्यप्रणाली से सुर्खियों में रहने वाले भाजपा नेता और पूर्व पार्षद कालू भट्ट इस बार फिर सुर्खियों में है और इस बार वह पार्टी से इस्तीफा देने के कारण सीहोर से लेकर भोपाल तक सुर्खियां बटोर रहे हैं ऐसे में रविवार से उनकी एक फेसबुक पोस्ट जमकर वायरल हो रही है जिसमें उन्होंने जिले के कलेक्टर और एसपी के कार्यकर्ता (पुलिस अधिकारीयो) पर गलत व्यवहार के चलते भाजपा से इस्तीफा देने की बड़ी बात लिखी है वही उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को मिलकर भी इस्तीफा सौंपने का उल्लेख किया है लेकिन इन सब के बीच हमने जब जमीनी हकीक़त टटोलने का प्रयास किया तो सामने आया कि भाजपा नेता कालू भट्ट को मंच पर रोकने की असल वजह उनकी आपराधिक छवि सामने आई है जिसमें वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासन की नजर में आदतन अपराधी नजर आ रहे है पुलिसिया रिकॉर्ड में कालू भट्ट पर कई आपराधिक मामले दर्ज है जिनमें हाल ही में हुए करणी सेना और मुस्लिम समुदाय के बीच हुए विवाद के दौरान जेसीबी मशीन से शहर की शांति भंग करने का बड़ा मामला भी शामिल है जिसके चलते कालू भट्ट जेल की हवा भी खा चुके हैं वही 15 दिनों तक शहर से फरारी काटने को भी मजबूर हुए थे। लिहाजा उक्त जेसीबी मशीन कांड में पुलिस और प्रशासन ने कालू भट्ट को सशर्त जमानत दी थी लेकिन कालू भट्ट ने महज चंद दिनों में ही उक्त शर्तों का उल्लंघन कर डाला था।
ऐसे में पुलिस और प्रशासन ने एक नोटिस भी जारी किया था लेकिन कालू भट्ट ने उक्त नोटिस को नहीं लिया है ऐसे में उक्त गंभीर मामले में भी कालू भट्ट को न्यायलय की पेशी करनी है वही भविष्य में न्यायलय की दंडात्मक सजा का सामना भी करना पड़ सकता है ऐसे में लाजमी है प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के मंच पर रोडा बनने की असल वजह कालू भट्ट की अपराधिक मामलों को होना है आपको बता दें कि किसी भी मुख्यमंत्री के मंच और उनके आसपास की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था होती है, जिसमें राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित NSG,CRPF के विशिष्ट कमांडो के साथ Z या Z+ और खुफिया एजेंसियां के हवाले किसी भी प्रदेश के सीएम की सुरक्षा का जिम्मा होता है। लिहाजा जिले की स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां को ऐसे व्यक्ति जिस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हो तो उसे पहले चिन्हित कर सीएम से दूर रखना सुरक्षा के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में यही कारण है कि सीएम की सुरक्षा में जवानों ने कालू भट्ट को मंच पर नहीं पहुंचने दिया।

फिर अनुशासन हीनता के दायरे में आए, पार्टी के लिए लगातार बड़ा रहे हैं फजीहत
भाजपा नेता कालू भट्ट लगातार अपनी विवादित और आपराधिक छवि के चलते जहां एक तरफ शहर के शांत माहौल को गर्म करने के कारण पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के लिए मुसीबत खड़ी करते रहे तो दूसरी और उनकी इन्हीं कार्यप्रणाली के कारण उनकी ही पार्टी कई बार फजीहतों का सामना कर चुकी है और कई बार अपनी ही नगर पालिका परिषद के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिखकर अनुशासनहीनता कर चुके हैं और इस बार सोशल मीडिया पर इस्तीफा देकर बड़ी अनुशासनहीनता कर गए हैं जो जिले सहित भोपाल तक भाजपा के लिए किरकिरी के साथ फजीहत बड़ा रहे हैं लिहाजा अब देखना यह है कि अनुशासन की बात करने वाली भाजपा अपने इस नेता की अनुशासनहीनता को कब तक बर्दाश्त करती है या फिर कालू भट्ट के इस्तीफे को स्वीकार करने से पहले पार्टी उन्हे पार्टी से निष्कासित कर अनुशासनहीनता करने वालों को करारा जवाब दे सकती है।
बिना नाम लिए विधायक पर भी साधा निशाना, विपक्ष को मिला मौका

कालू भट्ट अपनी आदत के मुताबिक सोशल मीडिया पर ऐसा कुछ लिख जाते हैं जो पार्टी लाइन के खिलाफ हो जाती है एक बार फिर कालू भट्ट की सोशल मीडिया पोस्ट अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ नजर आ रही हैं जिससे बैठे बैठे विपक्ष को भी सोशल मीडिया पर विधायक के खिलाफ चुटकी लेने का मौका मिल गया है और कालू भट्ट की पोस्ट के जरिए भाजपा को आड़े हाथों ले रहे हैं गौरतलब है कि कई बार कालू भट्ट अपनी ही पार्टी नेताओं के खिलाफ लिखकर विपक्ष कांग्रेस को बैठे बैठे मुद्दा देते रहे हैं फिर चाहे नगर पालिका अध्यक्ष की वोटिंग के दौरान सार्वजनिक रूप से तत्कालीन भाजपा जिला अध्यक्ष को भला बुरा कहना हो या नगर पालिका के अपने ही वार्ड पार्षदों को बिना नाम लिखे बिकाऊ, दलाल, चाटुकारिता जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते रहे हैं वही पहली बार आष्टा नगर पालिका में बनी बीजेपी नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के खिलाफ भी खुलकर लिखना चर्चाओं में रहा है इस बार कालू भट्ट के निशाने पर स्थानीय विधायक गोपाल इंजीनियर दिख रहे हैं आपको बता दें कि कालू भट्ट को मंच पर पुलिस अधिकारीयो ने नहीं जाने दिया तो कालू भट्ट सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालते हुए अपनी भड़ास निकाली जिसमें कालू भट्ट लिखते हैं की कांग्रेस से आए सारे लोग मंच पर, खाने का पोस्टर बेनर का खर्चा उठाने वाले मंच पर, कोई बात नहीं मात्र 7000 से ही तो विधानसभा जीते थे…
अब कालू भट्ट की यह फेसबुक पोस्ट बैठे बैठे कांग्रेसियों के लिए चुटकी लेने का काम कर रही है तो भाजपा के लिए सोशल मीडिया पर फजीहत खड़ी कर रही है हालांकि इस फेसबुक पोस्ट में विधायक गोपाल इंजिनियर का नाम नहीं है लेकिन यह पोस्ट विधायक गोपाल इंजिनियर की तरफ ही इशारा करते हुए दिखाई पड़ रही है।

जिला अध्यक्ष को अवगत कराया जाएगा- मंडल अध्यक्ष
इस मामले पर नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष श्रीमती अंजनी विशाल चौरसिया ने कहा कि कालू भट्ट जी ने फेसबुक पर जो इस्तीफे की जानकारी पोस्ट की है और जो विधायक जी के खिलाफ लिखा है इसकी जानकारी हमारे जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा को देकर अवगत कराई जाएगी, और अनुशासनहीनता का नोटिस या किसी भी कार्यवाही के बारे में जिला अध्यक्ष से बात करके ही कहा जाएगा मे आपको फ़ोन लगाकर बताऊंगा।








