आष्टा/कमल पांचाल
बीते तीन वर्षों से आष्टा नगर पालिका में करोड़ों रुपए के विकास कार्य हुए हैं लेकिन इन विकास कार्यों के नाम पर अधिकारियों और चुने हुए जनप्रतिनिधियो ने जमकर भ्रष्टाचार किया है और इसकी बानगी कई मामलों में देखने को मिल सकती है लिहाजा भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा की नगर पालिका लगातार सुर्खियों में बनी हुई है लेकिन आष्टा नगर पालिका में कांग्रेस के पार्षद और नेता प्रतिपक्ष की भ्रष्टाचार पर चुप्पी और खामोशी कई सवालों को जन्म दे रही है हालत ऐसे है अब तो कांग्रेस के पार्षद और नेता प्रतिपक्ष पर इस भ्रष्टाचार में हिस्सेदारी फिक्स होने की भी शहर में चर्चा हो रही है।
लिहाजा नगर पालिका में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और पार्षदों की खामोशी पर भी सवाल खड़े कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष सहित 5 कांग्रेस पार्षद खामोश, पब्लिक का उठ रहा भरोसा
आपको बता दें की तीन वर्ष पूर्व हुए नगर पालिका चुनाव में आष्टा नगर पालिका के कुल 18 वार्डो में से कांग्रेस के महज 4 पार्षद चुनाव जीते थे। जिनमें वार्ड 3 से वर्तमान नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष राजकुमार मालवीय, वार्ड 4 से वरिष्ठ कांग्रेस नेता हिफ़ुर्जरहमन भैया मियां, वार्ड 6 से मेहमूद अंसारी और वार्ड 11 से शहर कांग्रेस अध्यक्ष जाहिद गुड्डू शामिल है वही वार्ड 8 से निर्दलीय जीती श्रीमती तस्कीन शेख भी कांग्रेस समर्थित पार्षद हैं ऐसे में आष्टा नगर पालिका में कांग्रेस पार्षदों की संख्या 5 पहुंच जाती है लेकिन जिस तरह से लगातार भाजपा की नगर पालिका में भ्रष्टाचार के एक से बड़े एक मामले सामने आ रहे है और इन गंभीर मामलों पर कांग्रेस पार्षदों की आवाज तक नहीं निकलना कही न कही इन पर सवाल खड़े करता है ऐसे में शहर की जनता भी अब पूछ रही है कि क्या इस भ्रष्टाचार में इन सबका हिस्सा भी फिक्स है..?
कई संगीन मामलों में साधी चुप्पी, बिना विपक्ष के आष्टा नगर
आष्टा में भाजपा की नगर पालिका में बीते तीन वर्षों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर कई योजनाओं को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाकर जनता के पेसो की बंदरबाट की है लेकिन आष्टा नगर पालिका में बैठे कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राजुकमार मालवीय जो आष्टा से विधानसभा चुनाव लड़कर विधायक बनने का सपना संजोय हुए और शहर कांग्रेस अध्यक्ष जाहिद खान गुड्डू सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता का दर्जा लिए घूमने वाले हिजुफुर्रहमान भैया मियां और महमूद अंसारी की इन 3 सालों में इन गंभीर संगीन भ्रष्टाचार के मामलों में विरोध प्रदर्शन तो दूर की बात आवाज टक नहीं निकली है ऐसे में आष्टा नगर पालिका बिना विपक्ष के नजर आती है और इसका खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है और अधिकारी और जनप्रतिनिधि बेखौफ होकर जनता के पैसे को लूटने में लगे हैं







