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आयुष्मान योजना में बड़ा घोटाला,GOVERNMENT HOSPITAL के आधा दर्जन डॉक्टर सहित स्टाफ नर्स हुई धोखाधड़ी का शिकार,46 लाख रुपए स्टोर इंचार्ज ने पत्नी सहित रिश्तेदारों के खातों में कर डाले ट्रांसफर

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डॉक्टरों नर्सों को मिलने वाला इनसेंटिव स्टोर इंचार्ज ने गलत तरीके से अपनी पत्नी सहित रिश्तेदारों के खातों में किया ट्रांसफर

आष्टा/कमल पांचाल
सीहोर जिले के आष्टा के सरकारी अस्पताल में आयुष्मान योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है और यह घोटाला सिविल अस्पताल में पदस्थ कर्मचारियों ने ही अपने शातिर दिमाग से अंजाम दिया है ऊपर से मजेदार बात यह है कि इन शातिर भ्रष्ट कर्मचारियों ने अपने ही सिविल अस्पताल के डॉक्टर सहित स्टाफ नर्सों को भी नहीं छोड़ा है लिहाजा अब मामले की शिकायत होने पर आयुष्मान योजना में हुआ यह बड़ा घोटाला अब उजागर हो गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2017-18 से लेकर वर्ष 2023 तक आयुष्मान योजना के अंतर्गत सिविल अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर और स्टाफ नर्सों को मिलने वाले इनसेंटिव को अस्पताल में पदस्थ स्टोर इंचार्ज प्रमोद परमार ने अपने शातिर और भ्रष्ट दिमाग का इस्तेमाल कर उक्त इनसेंटिव राशियों को अपनी पत्नी सहित अपने करीबी रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर डाली ।
लिहाजा वर्ष 2017 से आयुष्मान योजना के अंतर्गत मिलने वाली इनसेंटिव राशि को प्रमोद परमार अपने करीबी रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर करते हुए 46 लाख रुपए से अधिक के घोटाले को अंजाम देने में सफल रहा।

डॉक्टर की शिकायत पर हुआ घोटाला उजागर, आधा दर्जन सरकारी डॉक्टरों सहित स्टाफ नर्सों को बनाया शिकार

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सिविल अस्पताल के तत्कालीन और वर्तमान सेवा निवृत शिशुरोग विशेषज्ञ डॉक्टर एके जैन ने बीएमओ अमित माथुर को लिखित में आयुष्मान योजना इनसेंटिव न मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद ही यह पूरा घोटाला उजागर हुआ है
आश्चर्य और चौंकाने वाली बात है कि इस धोखाधड़ी के शिकार दो पूर्व बीएमओ भी हुए हैं या कहे भ्रष्ट दिमाग की हिम्मत की दाद दी जाय कि दो पूर्व बीएमओ को भी नहीं बख्शा गया है।
विश्वनीय सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार शिकायत कर्ता डॉक्टर एके जैन सहित, सिविल अस्पताल की डॉक्टर माधवी राय, डॉक्टर शुभम दलोदरिया, पूर्व बीएमओ डॉक्टर सुरेश माहौर, पूर्व बीएमओ जेडी सोनी,दिवगंत डॉक्टर सुदर्शन ग्रेवाल, स्टाफ नर्स स्मिता सोलंकी, स्टाफ नर्स सीमा गौतम, लेब टेक्नीशियन रवि मालवीय, दिवगंत भुरा परमार सहित अन्य कई कर्मचारीयो को भी भ्रष्ट प्रमोद परमार ने अपना शिकार बनाया है। खेर अभी यह सामने आना बाकि है कि किस डॉक्टर को , किस नर्स को कितना इनसेंटिव प्रमोद ने अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया है यह 440 पन्नों की ट्रांजेक्शन लिस्ट में सामने आने पर ही पता चल पाएगा।

46 लाख रुपए से ज्यादा का घोटाला, लेखापाल से लेकर कई लोग शामिल, तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध

सरकारी अस्पतालों में भी किस तरह केंद्र की महत्वकांक्षी आयुष्मान योजना में भी भ्रष्टाचार कर शासन को करोड़ो रुपये का चुना लगाया जा रहा है इसकी सीधी बानगी सिविल अस्पताल आष्टा में देखने को मिल रही है जहां सिविल अस्पताल में पदस्थ स्टोर इंचार्ज प्रमोद परमार 46 लाख रुपए से अधिक का घोटाला करने में सफल हो जाता है और हैरानी और चौंकाने वाली बात है कि वर्षो तक जिम्मेदार स्वास्थ विभाग के स्थानीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगती है
लिहाजा इस बड़े घोटाले में सिविल अस्पताल के स्टोर इंचार्ज प्रमोद परमार सहित तत्कालीन लेखापाल एमएल वर्मा, तत्कालीन कर्मचारी जगदीश मेवाड़ा सहित तत्कालीन बीएमओ की भूमिका भी संदिग्ध है और इन सभी की जिम्मेदारी भी तय होनी बाकी है क्या आयुष्मान योजना में किए भ्रष्टाचार में प्रमोद परमार मात्र एक कठपुतली है या इसके पीछे बड़े मगरमच्छ भी शामिल है क्योंकि लाजमी है सिविल अस्पताल के आधा दर्जन से ज्यादा सीनियर डॉक्टरो को भी नहीं बख्शा गया है ऐसे में प्रमोद परमार के इलावा और भी लोगों की भूमिका सामने आना बाकि है

पत्नी सहित रिश्तेदारों के बैंक खातों में की राशि ट्रांसफर,440 पन्नों की ट्रांजेक्शन लिस्ट

सिविल अस्पताल में पदस्थ स्टोर इंचार्ज प्रमोद परमार ने वर्ष 2017 -18 से वर्ष 2023 तक आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीज को सेवाएं देने वाले डॉक्टर, नर्स के इंसेंटिव को गलत तरीके से अपनी पत्नी सहित करीबी रिश्तेदारों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर डाली है और यह पूरा ट्रांजेक्शन 440 पन्नों में शामिल है हालांकि यह शुरुआती रूप से 46 लाख रुपए घोटाले का मामला सामने आया है यदि ईमानदारी और निष्पक्ष रूप से कार्यवाही और जांच की गई तो कई बड़े मामले उजागर होने की संभावना है खेर सरकारी जांच और कार्यवाही जगजाहिर है लेकिन यह मामला केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना और सरकारी राशि के वित्तीय अनियमितता से जुड़ा मामला है ऐसे में मामले में दोषियों पर बड़ी कार्यवाही भी देखने को मिल सकती है

मेरी जानकारी में नहीं है – तात्कालीन बीएमओ गुप्ता

वर्ष 2017- 18 से 2023 तक आयुष्मान योजना में हुए घोटाले पर तत्कालीन बीएमओ प्रवीर गुप्ता ने कहा कि मुझे इस मामले पर कोई जानकारी नहीं है यदि किसी ने गलत तरीके से कुछ किया है तो उस पर कार्यवाही होना चाहिए है और मुझे इस विषय में ज्यादा जानकारी नहीं है

प्रतिवेदन भेजा है जांच के बाद होगी कार्यवाही- बीएमओ

बीएमओ अमित माथुर ने पूरे मामले पर कहा कि शिकायत के बाद प्रतिवेदन बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा है जांच टीम गठित कर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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