प्लाट की साइज से अधिक वर्गफूट का कर डाला नामांतरण
आष्टा/कमल पांचाल
जिले की आष्टा नगर पालिका इन दिनों अधिकारियों, कर्मचारीयो के कर्मकांडों से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है कभी सीएमओ विनोद प्रजापति के अड़ियल,मनमानी रुख के चलते तो कभी गंभीर भ्रष्टाचार के मामलों के चलते आए दिन बदनामी की सुर्खियों में चल रही है जिससे वर्षो बाद बनी भाजपा की श्रीमती हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा की नगर पालिका की जमकर किरकरी हो रही है वही स्थानीय भाजपा को भी नगर पालिका के कर्मकांडो के चलते बेशर्मी की फजीहत झेलनी पड़ रही है वही ताजा मामला फर्जी तरीके से किए गए नामांतरण का है जहां नगर पालिका में बैठे पढ़े लिखे अधिकारियों की बड़ी लापरवाही कहे या नामांतरण में भी भ्रष्टाचार की बड़ी पोल उजागर हुई है ऐसे में देखना लाजमी होगा कि अब स्थानीय प्रशासन के अफसर नगर पालिका के इन जिम्मेदार लापरवाह अधिकारियों पर क्या एक्शन लेते हैं या वहीं ढाक के पात वाली कहावत चरितार्थ होती है।
ये है मामला, फर्जी तरीके से प्लाट के साइज से ज्यादा वर्गफूट का कर दिया नामांतरण
नगर पालिका में बैठे अधिकारी, कर्मचारियों पर पैसे लेकर फर्जी नामांतरण करने के कई बार मामले सामने आ गए हैं ताजा मामला भी कुछ ऐसा ही सामने तब आया जब शिकायत कर्ता की शिकायत पर नगर पालिका और राजस्व विभाग का अमला वार्ड क्रमांक 5 के कसाईपुरा निवासी नफीस खा के मकान का सीमांकन करने पहुंचा था। ऐसे में नगर पालिका अधिकारियों की पोल उजागर तब हुई जब दस्तावेजों में बड़ी हेरफेर नजर आई।
दरअसल नफीसखा के नाम दो मकान है और दोनों मकान के वर्ग फुट के साइज और नामांतरण में दर्ज वर्ग फुट के साइज में बड़ी गड़बड़ी नजर आई।
जानकारी अनुसार नफीस खा के पहले मकान का साइज 15× 40 कुल 600 वर्ग फुट है वही दूसरे मकान का साइज 40× 21 कुल 840 वर्ग फुट है
लेकिन नगर पालिका के जिम्मेदारों ने दोनों नामांतरण में हेराफेरी करते हुए 900- 900 वर्ग फुट के नामांतरण कर डाले हैं जिससे नपा में बैठे जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली सीधे सीधे उजागर होती है लिहाजा अब पूरे प्रकरण की रिपोर्ट राजस्व विभाग की टीम बना रही है जिससे अतिक्रमणकर्ता और नगर पालिका की कलई खुलने वाली है ।
जांच कराएंगे, दोषी होने पर कार्यवाही करेंगे -SDM
नगर पालिका के फर्जी नामांतरण मामले पर एसडीएम नितिन टाले ने कहा की अतिक्रमण का मामला सामने आया है नगरपालिका और राजस्व की टीम प्रतिवेदन तैयार कर अतिक्रमण हटाएगी ।
वही फर्जी नामांतरण मामले पर जांच कराई जाएगी दोषी पाए जाने पर जो नियम अनुसार कार्यवाही होगी वो बिल्कुल की जाएगी।







