सीहोर/कमल पांचाल
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में BJP नगर पालिका द्वारा विकसित की गई आवास कॉलोनी में लगी पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की 64 लाख रुपए लागत की अटल प्रतिमा में हुए भारी भ्रष्टाचार से मध्यप्रदेश भाजपा की फजीहत बढ़ती जा रही है ऐसे में अब एमपी की भाजपा सरकार अपने ही नेता अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा में हुए भ्रष्टाचार पर घिरी हुई है लिहाजा शनिवार को सीहोर के आष्टा पहुंचे कांग्रेस के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी मध्यप्रदेश की भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधते हुए कहा की मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी है जिस अटल बिहारी वाजपेई के नाम भारतीय जनता पार्टी ने भारत में जीत के मुकाम पर पहुंची है आज उस महान व्यक्तित्व की मूर्ति में भी इन भाजपाइयों ने भ्रष्टाचार करने से परहेज नहीं किया है और आष्टा नगर पालिका को भ्रष्टाचार का अड्डा बना रखा है भाजपाइयों को शर्म आना चाहिए जिस इंसान के कारण तुम्हारी पार्टी जीत के इस मुकाम पर पहुंची हो कम से कम उस महान व्यक्तित्व के नाम पर भ्रष्टाचार कर कालिख तो मत पोतो ।
अटल प्रतिमा में हुए भ्रष्टाचार की खबर ऊपर तक, इसलिए कैलाश विजयवर्गीय ने भी नहीं किया अनावरण-पूर्व मंत्री वर्मा

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आगे कहा की आष्टा से जो खबरें जा रही है महान व्यक्ति की प्रतिमा के बारे में पूरे मध्यप्रदेश में खबर है की आष्टा में अटल बिहारी वाजपेई की जो प्रतिमा लगी है खंडित हो चुकी है जर्जर हो चुकी है इसलिए कैलाश विजयवर्गीय जैसे नेता भी उद्घाटन करने से परहेज कर रहे हैं और कैलाश विजयवर्गीय नगरीय प्रशासन मंत्री ने खुद सिद्ध कर दिया कि यह भ्रष्टाचार हुआ है यही कारण है की कुछ दिनों पहले जब पार्वती पुल का उद्घाटन करने आए थे तब इस प्रतिमा का भी उद्घाटन कर देते लेकिन कैलाश विजयवर्गीय को भी पता है कि आष्टा नगर पालिका ने भ्रष्टाचार के नए आयाम स्थापित किए हैं। इस दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के साथ पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल, सीहोर कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व नपा अध्यक्ष कैलाश परमार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरपाल सिंह ठाकुर, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी कमल सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जन मौजूद रहे! इस दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने नेता प्रतिपक्ष और आष्टा नगर पालिका के कांग्रेस पार्षदों सहित पूर्व नपा अध्यक्ष कैलाश परमार को इस मामले पर धरना प्रदर्शन करने की नसीहत दी है।







